क्यों फैल रहा है तेजी से यह रोग, क्लिक कर जान ले कहीं देर ना हो जाए

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इस रोग का कारण यह है : शिराएँ ऊतकों से रक्त को हृदय की ओर ले जाती हैं। शिराओं को गुरुत्वाकर्षण के विपरीत रक्त को टाँगों से हृदय में ले जाना पड़ता है। ऊपर की ओर के इस प्रवाह की सहायता करने के लिए शिराओं के भीतर कितनी ही कपाटिकाएँ बनी हुई हैं। कपाटिकाएँ रक्त को केवल ऊपर की ही ओर जाने देती हैं। जब कपाटिकाएँ दुर्बल हो जाती हैं, या कहीं-कहीं नहीं होतीं, तो रक्त भली भाँति ऊपर को चढ़ नहीं पाता और कभी-कभी नीचे की ओर बहने लगता है। ऐसी दशा में शिराएँ फूल जाती हैं और लंबाई बढ़ जाने से टेढ़ी-मेढ़ी भी हो जाती हैं। ये ही अपस्फीत शिराएँ कहलाती हैं।
कभी-कभी हाथ पैरों में सूजन आने लगती है जिसकी वजह से दर्द होने लगता है, जब पैरों की नसें मोटी होकर बाहर की तरफ दिखाई देने लगे तो समझ जाइए कि आपको वेरीकोज वेंस नामक बीमारी हो रही है, यह बीमारी एक बड़ा खतरा भी हो सकता है, शुरुआत में इतनी सूजन नहीं होती लेकिन यह रोग धीरे-धीरे बढ़ता ही रहता है, यदि आप इसका तुरंत इलाज ना करा लेते हैं तब तक यह बढ़ता ही रहता है|
क्या आपने कभी सोचा है कि हर रोग किस ने किसी वजह से होता है, क्या कारण है इसका, आपको बता दें इसका होने का कारण हाथ और पांव में सूजन, यह ना सिर्फ दर्द भरा होता है बल्कि अंग विशेष का रंग नीला या फिर लाल हो जाता है, जबकि सामान्य वेरीकोस वंश में सूजन से पीड़ित होता है, अक्सर यह समस्याएं आम तौर पर महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि महिलाएं गर्भवती, शरीर के माध्यम से दबाव बनना, मेनोपॉज खासकर पेट में और मोटापे के कारण पैरों में अतिरिक्त भार पड़ने की वजह से वेरीकोज वंश की जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है, लेकिन यह समस्या आज के नौजवानों को भी ज्यादा हो रही है, विशेषज्ञों की मानें तो वैरिकोज वेंस ज्यादा पैर के निचले हिस्से में ही होता है|
वेरीकोज वंश की समस्या
वेरीकोज वंश कि समस्या पैरों में होती है जब पैरों से ब्लड को नीचे से ऊपर हार्ट तक ले जाने वाली पैरों की नसें जिन्हें वाल्व कहते हैं इनकी सहायता से ग्रेविटेशन के बाद भी रक्त नीचे से ऊपर यानि की हार्ट तक पहुंचता है, लेकिन जब वाल्व खराब हो जाए या पैरों में कुछ समस्या आ जाए तो ब्लड ठीक तरह से ऊपर तक नहीं पहुंच पाता और यह पैरों में ही जमने लगता है, जिसकी वजह से नशे कमजोर हो जाती है और फूलने लगती है, पैरों की नसों में सूजन आने का कारण आपकी दिनचर्या में मौजूद कुछ ऐसी आदत है जो आपके लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है|
यदि आप ज्यादा देर तक खड़े रहते हैं तो उसकी वजह से नसों पर दबाव पड़ता है और ब्लड एक ही जगह पर रुकने लगता है, इससे राहत पाने के लिए भी बीच-बीच में टहल लेना जरूरी है|
यदि आप लगातार किसी काम को करने के लिए बैठे रहते हैं तो यह भी हानिकारक है, क्योंकि ऐसा करने से बवासीर, कब्ज जैसी समस्याएं भी हो सकती है, यदि आप एक जगह लगातार बैठे रहते हैं तो ऐसे में आपको बीच-बीच में उठकर थोड़ा चल लेना चाहिए|
नमक की अधिक मात्रा लेने पर भी ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है और प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए नसों को फेलना पड़ता है, जिसके कारण इस समस्या के होने के चांस अधिक बढ़ जाते हैं|
यदि आप बैठते समय पांव मोड़ कर बैठते हैं तो इससे भी रक्त का प्रभाव या तो रुक जाता है या फिर बहुत धीमा हो जाता है यह पांव में सूजन की समस्या को भी जन्म दे सकता है, इसलिए आप देर तक पैर मोड़कर ना बैठे हैं|

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