जल्द ही बेहद सस्ते में मिलेंगी BS4 कारें और बाइक्स! 31 मार्च से पहले खत्म करना है स्टॉक

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China Car Plant

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ऑटो इंडस्ट्री को जबरदस्त झटका देते हुए उनकी बीएस4 की मियाद बढ़ाने से इंकार कर दिया। कार निर्माता कंपनियों और ऑटो डीलर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि बीएस4 वाहनों की बिक्री की समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी।

31 मार्च के बाद रजिस्ट्रेशन बंद

एक अप्रैल 2020 से देश में नए उत्सर्जन मानक बीएस6 लागू होने वाले हैं। इनके लागू होने के बाद देश में बीएस4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा। ऑटो सेक्टर में सुस्ती के चलते ऑटो कंपनियों और डीलर्स के पास बीएस4 वाहनों की अच्छी-खासी इन्वेंट्री है, जिसकी बिक्री के लिए कंपनियां लाखों रुपये का डिस्काउंट दे रही हैं।

15 साल तक सड़कों पर रहेंगे

हालांकि सरकार साफ कर चुकी है कि 31 मार्च 2020 से पहले जिन भी बीएस4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा, वे 15 सालों तक सड़कों पर चल सकेंगी और इससे पहले उन्हें हटाया नहीं जाएगा। वहीं सरकार ने इसी के चलते वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी करने के फैसले को भी जून 2020 तक के टाल दिया। सरकार ने बीते 24 जुलाई 2019 को जारी ड्राफ्ट अधिसूचना में नई गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन फीस 10 से 20 गुना तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।

कंपनियों ने बंद की बीएस4 वाहनों की बुकिंग

बावजूद इसके गाड़ियों की बिक्री में कोई रफ्तार नहीं आई। वहीं कंपनियों ने गाड़ियों के प्रोडक्शन को सीमित करने और इन्वेंट्री को मैनेज करने के लिए कई बार प्लांट बंद करने का भी फैसला लेना पड़ा। हालांकि कई कंपनियां अपनी गाड़ियों को बीएस6 में अपग्रेड करने में जुट गई हैं। मारुति ने पिछले साल से ही अपनी गाड़ियों को अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया था और अभी तक 11 से ज्यादा गाड़ियां नए इंजन के साथ अपग्रेड हो चुकी हैं। वहीं होंडा ने पिछले साल ही एलान कर दिया था कि वह नए साल से डीलरों को बीएस4 की बजाय बीएस6 वाहन ही भेजेगी। कंपनी ने बीएस4 वाहनों की बुकिंग लेना भी बंद कर दिया है और अपग्रेडिंग में जुट गई है।

30 अप्रैल तक बढ़ाने की थी मांग

लेकिन डीलरों के पास अभी भी बीएस4 वाहनों की अच्छी-खासी इन्वेंट्री है, जिसके चलते उनकी एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट से बीएस4 वाहनों की बेचने की मियाद 31 मार्च की बजाए 30 अप्रैल करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई 2018 को दिए आदेश में कहा था कि 01 अप्रैल 2020 से केवल बीएस6 गाड़ियों की ही बिक्री होगी।

बीएस4 के बाद सीधे बीएस6

लेकिन अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उनकी याचिका खारिज करते हुए बिक्री की तिथि बढ़ाने से इंकार कर दिया। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपनी याचिका में कहा था कि वे अतिम समय सीमा खत्म होने से पहले बीएस4 वाहनों का उत्पादन बंद कर देंगे, लेकिन अपना स्टॉक खत्म करने के लिए उन्हें छह महीने का ग्रेस पीरियड दिया जाए। इसके पहले केंद्र सरकार ने साल 2016 में यह एलान किया था कि बीएस5 मानकों से आगे बढ़कर 2020 तक बीएस6 मानक लागू किए जाएंगे।
 

2017 में लगी थी ‘सेल’

इससे पहले 29 मार्च 2017 को भी सुप्रीम कोर्ट ने ऑटो कंपनियों की याचिका को खारिज करते हुए मात्र दो दिन में अपना बीएस3 स्टॉक खत्म करने का आदेश दिया था। जिसके बाद देशभर में बीएस3 गाड़ियों को खरीदने को लेकर शोरूम्स के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गई थीं। कंपनियों का दावा था कि उस दौरान उनके पास स्टॉक में करीब 8.2 लाख गाडियां है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि कंपनियों को इसके बारे में पहले से जानकारी थी और यह मामला सीधे-सीधे जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा है और हम कंपनियां के फायदे के लिए लोगों की सेहत को खतरे में नहीं डाल सकते हैं।

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