सरसों औषधीय गुणों का भंडार है एक बार इस्तेमाल करके तो देखें…

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– सरसों का तेल बालों के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है। इसमें ओलिक एसिड व लीनोलिक एसिड होता है जौ फ़ैटी एसिड कहा जाता है। यह बालों की जड़ों को मज़बूत करता है। इसके नियमित सेवन से बालों का झड़ना रुकने लगता है।

– सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांत साफ़ करने से दांत व मसूढ़े मज़बूत होते हैं। पायरिया में भी काफ़ी लाभ मिलता है।

– सरसों का तेल सिर पर रखने से या शरीर में मालिश करने से सर्दी-जुखाम, सिरदर्द, शरीर के दर्द में आराम मिलता है।

– एलिल आइसोथियोसाइनेट के गुणों से युक्‍त सरसों का तेल त्‍वचा की बीमारियों में काफ़ी लाभप्रद है। यह फ़ंगस को बढ़ने नहीं देता।

– सरसों का तेल ठंड को दूर भगाता है, गरमाहट पैदा करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करता है।

– सरसों का तेल भूख व पाचन क्षमता दोनों की वृद्धि करता है।

– सरसों के तेल में विटामिन ई होने से यह सूर्य की अल्‍ट्रावायलेट किरणों से त्‍वचा की रक्षा करता है।

– इसे चेहरे व त्‍वचा में लगाने से झाइयां व झुर्रियां कम होती हैं।

– गठिया व जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल से मालिश से आराम होता है।

– भोजन में इस तेल के नियमित प्रयोग से कोरोनरी हार्ट डिज़ीज की आशंका कम हो जाती है।

– सरसों का तेल त्‍वचा में लगाकर स्‍नान करने से त्‍वचा नरम व पुष्ट होती है।

– सूजन में सरसों पीसकर लगाने से आराम मिलता है।

– कफ व खांसी में सरसों को पीसकर शहद के साथ चाटने से आराम मिलता है।

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